Thursday, September 3, 2026
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Homeबुरहानपुरजल आवर्धन योजना में भ्रष्टाचार की परत दर परत खुलेगी पोल

जल आवर्धन योजना में भ्रष्टाचार की परत दर परत खुलेगी पोल

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) शहर वासियों को शुद्ध स्वच्छ जल पिलाने के लिए तत्कालीन महापौर अनिल भोसले के कार्यकाल में जल आवर्धन योजना 130 करोड रुपए की अनुमानित लागत से शुरू की गई थी इस कार्य को जेएमएफसी कंपनी ने 2 वर्ष में पूरा करने का वादा किया था परंतु अफसोस के 7 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी इस योजना का कार्य पूरा नहीं होने से शहारवासी गडडो के शहर में रहकर कमर दर्द और स्लिप डिस्क जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। इस योजना के पूरा करने और इस कार्य में अनुबंध की अनदेखी और भ्रष्टाचार को लेकर दर्जनों खबरें प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई जिस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों ने कंपनी के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई लेकिन कोई असर नहीं जबकि पूर्व महापौर इस योजना को लेकर वाह वाही लूट ले गए लेकिन वर्तमान में इस कार्य में होने वाली लेट लातीफी और भ्रष्टाचार चरम पर है इसी को ध्यान में रख शहर की युवा डॉक्टर एक्टिविस्ट आनंद दीक्षित ने जनहित याचिका के माध्यम से कोर्ट में दस्तक दी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर कंपनी सहित प्रशासन के जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, डॉक्टर दीक्षित की कोर्ट की यह नकेल कंपनी सहित प्रशासन के जिम्मेदारों पर भारी पड़ेगी इसके साथ ही इस योजना में अनुबंध की अनदेखी से होने वाले भ्रष्टाचार की परत दर परत अब खुलकर सामने आएगी। इस जनहित याचिका के माध्यम से योजना का 25 प्रतिशत कार्य होने का खुलासा किया गया है जबकि कंपनी के अधिकारी सांसद और कलेक्टर की बैठक में 95 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा कर चुके हैं। शहर को अमृत जल पिलाने की यह योजना शहर वासियों के लिए विष जल योजना बन कर रह गई है प्रमुख मार्गो से लेकर गली कूचों तक केवल गड्ढे ही गड्ढे हैं कहीं भी इस योजना का कार्य पूरा नहीं हुआ है जो दुखदाई बना हुआ है।

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