Wednesday, September 2, 2026
spot_img
spot_img
Homeबुरहानपुरहज यात्रियों को रुबात में मुफ्त रहने की सुविधा अधर में सरकारें...

हज यात्रियों को रुबात में मुफ्त रहने की सुविधा अधर में सरकारें जल्द करें फैसला

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) मध्य प्रदेश से वर्ष 2026 में हज कमेटी के माध्यम से हज यात्रा पर जाने वाले सैकड़ों हज यात्रियों के लिए इस समय अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। राजस्थान के टोंक की बेगमात द्वारा मक्का और मदीना में बनवाई गई ऐतिहासिक रुबात धर्मशालाओं में ठहरने की जो मुफ्त सुविधा वर्षों से मिलती आ रही है, वह इस बार केंद्रीय हज मंत्रालय की मंजूरी के अभाव में अधर में लटकी हुई है। करीब सवा सौ वर्ष पूर्व टोंक रियासत की बेगमात ने मक्का और मदीना में हज यात्रियों के लिए रुबात धर्मशालाओं का निर्माण करवाकर उन्हें समाज को समर्पित कर दिया था। इन धर्मशालाओं का उद्देश्य विशेष रूप से राजस्थान और मध्य प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद हज यात्रियों को मुफ्त आवास उपलब्ध कराना था। समय के साथ यह व्यवस्था भारत और सऊदी हुकूमत की आपसी सहमति से संचालित होती रही, जिस से हजारों हज यात्रियों को राहत मिलती रही है। हज यात्रा, जो इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, हर वर्ष हज के लिये लाखों मुसलमानों को पवित्र शहर मक्का और मदीना तक जाना होता है। भारत से भी बड़ी संख्या में जायरीन हज के लिए रवाना होते हैं। ऐसे में ठहरने की मुफ्त व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर हज यात्रियों के लिए बड़ी सहूलियत साबित होती है। हालांकि वर्ष 2026 के लिए अब तक केंद्रीय हज मंत्रालय से औपचारिक स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इन धर्मशालाओं में ठहराव को लेकर असमंजस बना हुआ है। यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, तो अनेक हज यात्रियों को निजी आवास की महंगी व्यवस्था करनी पड़ सकती है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ेंगी। इस संबंध में जयपुर नगर निगम के पूर्व पार्षद एवं कांग्रेस नेता जाकिर खान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस जनहितकारी व्यवस्था को जारी रखने के लिए राजस्थान की अनेक पूर्व मंत्रियों सहित सांसदों तथा केंद्र के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हज मंत्रालय को इस संबंध में पत्र लिखकर मांग की है कि वह इस व्यवस्था को पूर्वरत जारी रखें के लिए सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि हज यात्रियों को पूर्ववत सुविधा मिलती रहे और टोंक की बेगमत की यह विरासत कायम रह सके। ज्ञात होगी मक्का और मदीना की दो रोबोटों में से एक रोबोट की मंजरी तो दी जा चुकी है लेकिन मदीना शरीफ की रुबात को लेकर पिछले 3 वर्षों से असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments