Friday, October 23, 2026
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सांस्कृतिक पहचान को फिल्मों के माध्यम से व्यापक स्थान दिलाया जा सकता है

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उनके भविष्य को संवारने के उद्देश्य से राजस्थान कीराजधानी जयपुर को फिल्म सिटी के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर वर्ल्ड पीस हार्मनी के चेयरमैन हाजी शकील सैफी ने केंद्र और राज्य सरकार से विशेष आग्रह किया है। उन्होंने एक मुलाकात में कहा कि जयपुर सहित राजस्थान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर फिल्म शूटिंग के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि प्रदेश को फिल्म निर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। इससे राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने के साथ-साथ रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। हाजी शकील सैफी ने कहा कि राजस्थान अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, भव्य किलों, महलों, हवेलियों और अनूठी स्थापत्य कला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। जयपुर की ऐतिहासिक पहचान और प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता फिल्मों, वेब सीरीज, धारावाहिकों तथा वृत्तचित्रों के निर्माण के लिए बेहद आकर्षक अवसर प्रदान करती है। ऐसे में सरकार को जयपुर में फिल्म सिटी विकसित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। इस संबंध में राजस्थान के कईसमाजसेवियों और मीडिया कर्मियों ने वर्ल्ड पीस हार्मनी के चेयरमैन हाजी शकील सैफी से आग्रह किया है कि वे इस मुद्दे को राज्य और केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएं, ताकि जयपुर सहित राजस्थान को फिल्म निर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल हो सके। इस मुद्दे पर हाजी शकील सैफी ने केंद्र और राजस्थान सरकार से विशेष आग्रह किया कि फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इसके लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था, आधुनिक शूटिंग स्टूडियो, पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं और फिल्म निर्माण से जुड़ी अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं विकसित करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। ऐतिहासिक स्मारकों पर शूटिंग के दौरान उनकी सुरक्षा और संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। हाजी शकील सैफी ने कहा कि जयपुर में फिल्म सिटी की स्थापना होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। अभिनय, निर्देशन, कैमरा संचालन, संपादन, मेक अप, सेट डिजाइन और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं को काम करने का अवसर मिल सकता है। इसके अतिरिक्त होटल, परिवहन, खानपान, हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ पहुंचने की संभावना है। राजस्थान कीखूबसूरती और सांस्कृतिक पहचान को फिल्मों के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है। इससे प्रदेश में फिल्म पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। हाजी शकील सैफी ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि जयपुर को फिल्म सिटी के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल की जाए।उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठाकर राजस्थान को फिल्म निर्माण और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का प्रयास करेगी।

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