बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) करोड़ों की सीवरेज योजना के बाद भी गलियों में गड्ढे और उखड़े रास्ते, जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं शहर को बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था देने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से शुरू किया गया ड्रेनेज 2.0 का काम अब रहवासियों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। शहर के विभिन्न वार्डों में पाइप लाइन बिछाने के लिए गलियों और सड़कों की खुदाई की जा रही है। कई स्थानों पर काम पूरा होने के बाद भी खोदे गए रास्तों की तत्काल मरम्मत नहीं की जा रही है। इससे रहवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ड्रेनेज लाइन डालने के बाद संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी है कि खोदी गई सड़क या गली को व्यवस्थित तरीके से दुरुस्त किया जाए, लेकिन कई स्थानों पर काम पूरा होने के बावजूद मरम्मत कार्य में देरी की जा रही है। जिस का स्पष्ट उदाहरण वार्ड नंबर 18 सेहत कुएं पर देखा जा सकता है नतीजा यह है कि पहले से खराब सड़कों और गलियों की स्थिति खुदाई के बाद और बदतर हो गई है। जगह-जगह मिट्टी, मलबा और गड्ढे होने से दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी परेशानी हो रही है।काम खत्म होने के बाद भी क्यों नहीं हो रही मरम्मत सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब करोड़ों रुपये की योजना के तहत काम कराया जा रहा है तो खुदाई के बाद सड़कों की बहाली के लिए समय सीमा क्यों तय नहीं की जा रही। यदि ठेकेदार काम पूरा करने के बाद मरम्मत में मनमानी कर रहा है तो नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे ड्रेनेज 2.0 शहर की जरूरत है,लेकिन विकास के नाम पर लंबे समय तक लोगों को बदहाल रास्तों के हवाले नहीं किया जा सकता। निगम को प्रत्येक स्थान पर काम की गुणवत्ता, खुदाई और मरम्मत की निगरानी करते हुए ठेकेदारों को निर्धारित समय में सड़कें बहाल कराने की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। वरना करोड़ों की योजना सुविधा देने के बजाय शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बनती रहेगी।


