बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करने वाला मामला आजाद नगर स्थित मौलाना अबुल कलाम आजाद स्कूल से सामने आया है स्कूल की छुट्टी के समय मुख्य द्वार को पूरी तरह नहीं खोला जाता। इसके चलते छुट्टी के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को संकरे और छोटे गेट से बाहर निकलना पड़ता है। हालात यह हैं कि विद्यार्थियों को गेट लांघकर निकलने तक की नौबत आ रही है।भीड़ के बीच बच्चों की मुश्किलेंव्यवस्था गायब है स्कूल की छुट्टी होते ही बड़ी संख्या में विद्यार्थी एक साथ बाहर निकलते हैं। ऐसे समय मुख्य गेट पूरी तरह खुला नहीं होने से बच्चों की भीड़ एक ही स्थान पर जमा हो जाती है। इससे विद्यार्थियों को बाहर निकलने में परेशानी के साथ-साथ स्कूल के आसपास आवागमन भी प्रभावित होता है। छोटे बच्चों के साथ किसी तरह की धक्का-मुक्की या गिरने की स्थिति गंभीर हादसे में बदल सकती है।पालक बार-बार शिकायत करते रहे, प्रबंधन ने नहीं दिया ध्यान पालकों का कहना है कि इस समस्या को लेकर स्कूल प्रबंधन से कई बार शिकायत की जा चुकी है। स्पष्ट रूप से मांग की गई कि छुट्टी के समय मुख्य द्वार पूरी तरह खोला जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके। इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया। इससे पालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब स्कूल प्रबंधन को समस्या की जानकारी है और पालक बार-बार शिकायत कर चुके हैं, तो फिर मुख्य गेट खोलने जैसी सामान्य व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही क्या प्रबंधन किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी ऐसी लापरवाही को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। पालकों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी स्कूल की व्यवस्था का निरीक्षण कर छुट्टी के समय विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करें। अन्यथा पलक गण इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक करने को मजबूर होंगे!


