बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) समय-समय पर पोलिस की कार्यवाही को लेकर कहीं प्रश्न खड़े होते देखे गए हैं जिसका जीवित उदाहरण यहां उस समय देखने को मिला जब खकनार की एक युति शिवानी अपने प्रेमी के साथ अप्रैल माह में अचानक गायब होने पर उस के परिजनों ने थोड़ा इंतजार के बाद 1 मई 2026 को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट खकनार थाने में दर्ज कराई बाद रिपोर्ट पड़ोस के महाराष्ट्र के जलगांव जामोद में एक सर कटी तथा अधजली युति का शव मिलने पर महाराष्ट्र पुलिस ने आस पड़ोस के थानों के साथ खकनार थाने पर भी संपर्क कर जानकारी लेने पर महाराष्ट्र पोलिस को शिवानी की गुमशुद्धि की बात बताई गई बस बताते ही जलगांव जामोद पुलिस ने उसे सर काटे और अडजाल शौक को बिना गहन जांच पड़ताल आनन फानन में शिवानी का मान कर इस मामले में शिवानी के पिता और भाई को आरोपी बनाकर हत्या के केस दर्ज कर मामला न्यायालय को सौंपने पर पिता और भाई हत्या के आरोप में बुलढाणा जेल में बंद है इस मामले की शिवानी को मालूम होते ही वह अपने प्रेमी सनग परिवार में पहुंचकर खकनार पुलिस के समक्ष पेश होकर अपनी बरअमदगी दी अब इस मामले के सामने आने पर महाराष्ट्र पोलिस की जल्दबाजी और लापरवाही की पोल खुलने पर जलगांव जामोद पुलिस के वह जिम्मेदार अधिकारी अब कानून के दायरे में है जब शिवानी जिंदा है तो फिर जलगांव जामोद पोलिस ने यह लापरवाही कैसे की पिता और भाई बेकसूर होने पर जेल में बंद है इसका जवाबदार कौन क्या महाराष्ट्र पोलिस के उच्च अधिकारि ऐसे लापरवाह अधिकारियों जिन्होंने बिना गहन जांच पड़ताल अपने सर का वजन उतारने के चक्कर में बेगुनाह पिता पुत्र को जेल की हवा खिलाई क्या इन अधिकारियों को दंडित किया जाएगा और पिता पुत्र के जेल के यह दिन कैसे वापस होंगे? खकनार की गुमशुदा शिवानी मामले ने महाराष्ट्र पुलिस की कार्य प्रणाली की पोल खोल कर रख दी है।











