Thursday, September 3, 2026
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Homeबुरहानपुरअमिट छाप छोड़ गई स्वर्गीय माताजी शहर को किया गौरवान्वित

अमिट छाप छोड़ गई स्वर्गीय माताजी शहर को किया गौरवान्वित

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) शहर के प्रतिष्ठित नागरिक ओम प्रकाश जैन के परिवार में सदैव परोपकार और समाज सेवा की भावना रही है। उनके परिवार की मातृशक्ति, स्वर्गीय आशा देवी जैन, जिनका जीवन सदैव दूसरों के भले के लिए समर्पित रहा, ने अपने जीवनकाल में समाज और मानवता की सेवा में विशेष योगदान दिया। आशा देवी जैन ने अपने स्वर्गवास से पहले एक महत्वपूर्ण इच्छा व्यक्त की थी। उन्होंने परिवार से अनुरोध किया कि उनके निधन के पश्चात उनका देहदान किया जाए जो समाज और स्वास्थ्य क्षेत्र में उपयोग हो, उनकी यह इच्छा सुनकर परिवार के सभी सदस्य गर्व और श्रद्धा के साथ इसे स्वीकार करने के लिए सहमत हुए। परिवार ने मिलकर तय किया कि उनकी अंतिम इच्छा को सर्वोत्तम रूप में पूरा किया जाए। अक्टूबर 2025 में जब आशा देवी जैन का 94 वर्ष की आयु में देवाशन हुआ,तो परिवार ने उनकि इच्छानुसार देहदान की प्रक्रिया को संपन्न किया। तथा देह शासकीय नंदकुमार सिंह चौहान चिकित्सा महाविद्यालय को समर्पित किया गया। यह दान न केवल एक परंपरा का पालन था, बल्कि समाज और चिकित्सा क्षेत्र में उनके योगदान का प्रतीक भी था। चिकित्सा महाविद्यालय में इस देह का उपयोग छात्रों, शोध एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा, मदर्स डे के अवसर पर स्वर्गीय माता को याद करते हुए पुत्र ओम प्रकाश जैन उनके पुत्र टैक्सकंसलटेंट ललित जैन सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि स्वर्गीय माताजी ने पूरे समाज को गौरवान्वित किया है जिसे पुलिस विभाग ने पहली बार गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका सम्मान किया है जो उनके परिवार की समाज सेवा की भावना को दर्शाता है। आशा देवी जैन की अंतिम इच्छा और उसका कार्यान्वयन समाज में मानवता, दान और परोपकार की भावना को प्रोत्साहित करता है। उनके इस नेक और दूरदर्शी कदम ने यह सिद्ध कर दिया कि सही समय पर किया गया दान न केवल जरूरतमंदों के लिए वरदान है, बल्कि समाज में सदैव स्मरणीय योगदान भी बनता है।

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