Thursday, September 3, 2026
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यौम ए आशूरा पर क्लीन इंडिया ग्रीन इंडिया का सैयदना साहब ने दिया संदेश

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) दाऊदी बोहरा समाज ने पवित्र मोहर्रम मे इमाम हुसैन शहीदे करबला की याद में नजमी मस्जिद दाउदपुर के इवान मुबारक में 10 दिनों से वायाज का इंतजाम किया गया था दाऊदी बोहरा समाज एवं अंजुमन जाकवी जमात PRO कमेटी के कोऑडिनेटर तफ्फजुल हुसैन मुलायम वाला ने बताया की दाऊदी बोहरा समाज के 53 वे धर्मगुरु सेय्य्दना डॉ. मुफद्दल सैफ्फुदिन साहब की चैनई से सीधे तौर पर वॉइस का प्रसारण किया जा रहा था जिसका सीधा प्रसारण कुछ शहर मे दाऊदी बोहरा समाज जनों द्वारा देखा जा रहा है मोहर्रम के पवित्र माह मे मौला हुसैन की याद मे 10 दिनों से चैनई से वायाज़ की जा रही थी। बुरहानपुर मे भी दाऊदी बोहरा समाज द्वारा स्थानीय नज़मी मस्जिद दाऊदपुरा मे 10 दिनों से मजलिस एवं वायाज़ का आयोजन किया जा रहा है सैय्यदना साहब डॉ. मुफदल सैफुदिन साहब को सहमति से बुरहानपुर मे डॉक्टर शेख जुजर कुर्ला वाला वाइज़ फरमा रहे थे।
दाऊदी बोहरा समाज एवं अंजुमन जाकवी जमात कमेटी के कोऑडिनेटर श्री मुलायम वाला ने जानकारी देते हुए बताया की 10 दिनों से बुरहानपुर स्थित नज़मी मस्जिद मे समाज जनों पुरुषो, महिलाओ बच्चों ने वायाज एवं मजलिस मे बड़ी संख्या मे शहीदे कर्बला के जिक्र एवं इबादत मे शामिल हुए। डॉ. शेख जूजर कुर्ला वाला ने वायाज़ मैं बयान किया जिसमे नबी मोहम्मद रसुलुल्लाहा के नवासे इमाम हुसैन को याद किया गया जिनको लगभग 1400 साल पहले यजीद के मानने वाले ने करबला इराक में तीन दिन भूखा प्यासा रखकर शहीद किया । नज़मी मस्जिद मे कर्बला के वाकिये की वायाज़ करते हुए डॉ. जुजर भाई कुर्ला वाला ने बताया की इस्लाम की हक और बैत की लड़ाई इमाम हुसैन ने लड़ी। यजीद जो की सरेआम उसके दरबार में शराब नोशी करता था जो कि इस्लाम में हराम है इसलिए इमाम हुसैन ने इसकी बैत कबूल करने से इंकार कर दिया था जिसके बाद बदले की भावना से गुस्से मे यजीद ने अपनी फौज भेज कर इमाम हुसैन आपके भाई जनाब अब्बास आलम अलमदार , 18 साल के जवान बेटे जनाब अली अकबर, 6 महा के नंन्हे अली असगर के गले मे तीर मारकर शहीद कर दिया। इमाम हुसैन के घराने के 18 लोगो एवं आपके 53 साथीयों को कर्बला मे शहीद कर दिया गया आखिर मे 10 मोहर्रम को इमाम हुसैन को भी सजदे की हालत मे शहीद कर दिया गया। शहीदे कर्बला ने इस्लाम धर्म को यजीद जैसे अधर्मी, बादशाह के सिकंजे से छुड़ाने के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया इन्ही की वजह से आज इस्लाम जिंदा है और त कयामत तक ज़िंदा रहेगा पवित्र मोहर्रम मे पूरे विश्व बोहरा समाज के लोग अपने धर्म गुरु सैय्यदना डॉ.मुफादल सैफुदीन के साथ ईमाम हुसैन की याद में दिन में वॉइस रात में मातमी मजलिस में हाजिर होकर इमाम हसैन का मातम करते है।नज़मी मस्जिद मे वायाज़ फरमा रहे शेख जुजर भाई कुर्ला वाला ने 53 वे धर्मगुरु सैयदना डॉ. मुफादल सैफुदीन साहब के संदेश देते हुए सभी समाज जनों को इस पवित्र माह क्लीन इंडिया ग्रीन इंडिया के संदेश देते हुए ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करने साफ सफाई रखने के साथ गरीबो बेसहरा लोगो को मदद करने का आह्वान किया।

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