बुरहानपुरमध्य प्रदेश

मूल मुद्दे को छोड़ बीच में चल रही नाटक नौटंकी

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) शहर के विकास को लेकर कांग्रेस बार-बार धरना प्रदर्शन शहर की खस्ता हाल सड़कों और वार्डों में विकास के कार्य कराए जाने की मांग कर रही है जिस् में भी साफ तौर से गुटबाजी सामने झलक रही है पहले कांग्रेस ने ईसी मुद्दे पर धरना दिया तो अभी हाल ही में उपनगर में कांग्रेस के दूसरे गुट ने आंदोलन किया सभी का उद्देश्य वार्डों में विकास का है जो सीधे तौर पर नगर सरकार से जुड़ा है ले दे कर नगर सरकार की बैठक तो हुई लेकिन वह हंगामे की नजर होकर स्थगित हो गई अब जब की बैठक को जल्द रिकॉल की बात पर आंदोलन होना चाहिए तो गुरुवार को फिर वार्डों के विकास और पार्षदों के काम नहीं होने को लेकर पार्षद निगम परिसर में धरने पर बैठ गए जिस में एक पार्षद प्रतिनिधि ने आत्मदाह की धमकी से फिर मामले को बिगाड़ दिया और बात आश्वासन पर समाप्त हो गई यहां अगर पार्षदों को आंदोलन करना ही था तो उस का मुख्य मुद्दा स्थगित बैठक को जल्द बुलाना और वहां वार्डों में विकास कार्य और पार्षदों की बात नहीं सुने जाने को लेकर बात करना था लेकिन मुख्य मुद्दा छोड़ फिर पुराना राग अलापने से क्या उस पर सितम यह की नगर सरकार में विपक्ष के पास सदन के नेता और उप नेता मौजूद है पर वह धरने से नदारत रहे पूरा धरना नेतृत्वहीन यहां पार्षद दल का नेता ही नदारत रहा जो सदन में सारे मामलों को प्रमुखता से वैधानिक तरीके से रखता है भला ऐसे आंदोलन का सत्ता पक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों पर क्या असर पड़ेगा कांग्रेस अगर भाजपा की महापौर से काम कराना चाहती है तो उसे निगम से लेकर सड़क तक एक जुटता के साथ खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करना होगा अलग-अलग विरोध प्रदर्शन में दम नहीं है अब जब की गणेश उत्सव का शुभारंभ हो चुका है विसर्जन फिर सोल्हासरात और फिर नवदुर्गा उत्सव भला अब ऐसे में कब स्थगित सम्मेलन होगा समझ से परे है।

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