बिना बहस तीन अरब का बजट पास, पक्ष-विपक्ष की मिलीभगत पर उठे सवाल

बुरहानपुर (अकील ए आज़ाद) नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। करीब दस माह के लंबे अंतराल के बाद 22 अप्रैल 2026 को नगर निगम का बजट सम्मेलन आयोजित किया गया था, लेकिन यह बैठक मात्र 40 मिनट में ही स्थगित कर दी गई। इसके बाद बुलाई गई एक अन्य बैठक भी स्थगित हो गई।बुधवार15 जुलाई 2026 को पुनः बजट सम्मेलन आयोजित किया गया, जहां तीन अरब रुपये का नगर निगम बजट बिना किसी विस्तृत चर्चा के पारित कर दिया गया बजट सम्मेलन के पूरे समय नेता प्रतिपक्ष मौन दिखाई दी उनके द्वारा बजट पर किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं उठाई गई जो मिली भगत की ओर इशारा करती है।वहीं अध्यक्ष भी कोई व्यवस्था नहीं दे सकि सम्मेलन के दौरान परिषदसदस्यों का अधिकांश समय जलआवर्धन योजना में कथित लापरवाहीशहर में गंदे पानी की आपूर्ति और पेयजल संबंधी समस्याओं पर चर्चा में बीता। इन मुद्दों पर निर्दलीय और विपक्ष के पार्षदों ने जमकर आपत्ती उठाई और अपनी बातें रखीं, लेकिन जैसे ही बैठक का समय समाप्ति की ओर बढ़ा, बिना बहस बजट पर विस्तृत चर्चा कराए ही तीन अरब रुपये का बजट सर्वसम्मति से पारित कर दिया गयागौरतलब है कि इस से पहले विपक्ष ने इसी बजट पर कई आपत्तियां दर्ज कराते हुए विभिन्न मदों मेंसंशोधन और पारदर्शिता की मांग की थी। विपक्ष का कहना था कि बजट में कई खामियां हैं और जनहित के मुद्दों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी गई है। लेकिन 15 जुलाई की बैठक में वही विपक्ष बिना किसी विरोध या विस्तृत चर्चा के बजट को पास कर दियाइस घटनाक्रम के बाद नगर निगम की कार्य प्रणाली और विपक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े होने लगे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि यदि बजट में वास्तव में कमियां थीं तो उन पर बहस क्यों नहीं हुई और यदि कमियां नहीं थीं तो पहले विरोध किस आधार पर किया गया था। बिना विस्तृत चर्चा के इतने बड़े बजट का पारित होना पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगा रहा है। अब वार्ड वासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बजट में किए गए प्रावधान धरातल पर कितने प्रभावी साबित होते हैं यहां देखना होगा!



